उत्तराखंड: मौसम विभाग ने 1 अगस्त को भारी बारिश का अलर्ट किया जारी, देहरादून समेत चार जिलों में भारी बारिश की आशंका

देहरादून:- प्रदेश में मौसम विभाग ने एक अगस्त को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। देहरादून, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ और चंपावत में मूसलाधार बारिश की आशंका है, बारिश और उफनते नाले के कारण चमोली में ‘फूलों की घाटी’ बंद रही। नैनीताल, टिहरी, रुद्रप्रयाग और बागेश्वर में भी अगले कुछ दिनों तक तेज बारिश का दौर जारी रहेगा। मैदानी इलाकों जैसे हरिद्वार और उधम सिंह नगर में गर्जन के साथ बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है।
देवभूमि उत्तराखंड में पिछले कई दिनों से पहाड़ों से लेकर मैदानों तक बादलों की आवाजाही के साथ रुक-रुककर बारिश का सिलसिला लगातार जारी है. भारत मौसम विज्ञान विभाग के देहरादून केंद्र द्वारा जारी ताजा मौसम पूर्वानुमान के अनुसार आज, एक अगस्त को राज्य के कई हिस्सों में झमाझम बारिश और गरज के साथ बिजली चमकने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने देहरादून, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ और चंपावत जिलों में कहीं-कहीं मूसलाधार बारिश को लेकर खास चेतावनी जारी की है। पहाड़ी इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने और बारिश के तेज से अति तेज दौर चलने का अंदेशा जताया गया है, जिससे संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन और नदी-नालों के अचानक उफान पर आने का खतरा बढ़ गया है।
दूसरी तरफ, पहाड़ी जिलों में जारी भारी बारिश का सीधा असर पर्यटन और तीर्थयात्रा पर भी देखने को मिल रहा है। उफनते नाले और खराब मौसम की वजह से विश्व प्रसिद्ध ‘फूलों की घाटी’ को श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा के मद्देनजर अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा। पिछले 24 घंटों में राज्य के ज्यादातर इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है, जबकि कुछ मैदानी इलाकों में तापमान सामान्य रहने से उमस भी महसूस की जा रही है।
मौसम विभाग के 1 अगस्त के पूर्वानुमान के मुताबिक, राजधानी देहरादून, सीमांत जिला उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ और चंपावत जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश होने का पूर्वानुमान लगाया गया है. पर्वतीय जिलों के कई इलाकों में बादलों की गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने और बारिश के तीव्र दौर आ सकते हैं। वहीं हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर जैसे मैदानी जिलों में तेज गरज के साथ बिजली चमकने की संभावना व्यक्त की गई है। देहरादून समेत आसपास के पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि तेज बारिश के कारण पहाड़ी ढलानों पर भूस्खलन की आशंका हमेशा बनी रहती है।
मौसम विभाग द्वारा जारी चार-पांच दिनों के बुलेटिन के अनुसार, बारिश का यह दौर अभी थमने वाला नहीं है। दो अगस्त को देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, बागेश्वर और नैनीताल में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, वहीं 3 अगस्त को देहरादून, रुद्रप्रयाग, चमोली, नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में भी मूसलाधार बारिश का अलर्ट है। 4 अगस्त को देहरादून, टिहरी, नैनीताल और बागेश्वर जिलों में एक बार फिर से भारी बारिश का दौर लौट सकता है। पांच और छह अगस्त को भी उत्तराखंड के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और गर्जन के साथ बौछारें पड़ने की पूरी संभावना जताई गई है।
पिछले 24 घंटों के दौरान दर्ज किए गए तापमान की बात करें तो उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य बना हुआ है, जबकि पहाड़ी इलाकों में दिन का तापमान सामान्य से काफी कम दर्ज किया गया है. राज्य में सबसे अधिक अधिकतम तापमान पंतनगर, उधम सिंह नगर में 33.6°C रिकॉर्ड किया गया, जिससे वहां थोड़ी उमस भरी गर्मी महसूस हुई। दूसरी तरफ, सबसे कम न्यूनतम तापमान मुक्तेश्वर (नैनीताल) में 14.6°C दर्ज किया गया, जिससे पहाड़ों में सुबह और रात के समय हल्की ठंडक का अहसास बना हुआ है। मैदानी इलाकों में जहां न्यूनतम तापमान सामान्य है, वहीं पहाड़ों में यह सामान्य से कम दर्ज किया गया है।










