Medical
उत्तराखण्डदेहरादून

पेपर लीक के बाद रद्द की गई स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा की नई तिथि घोषित, आगामी 17 मई को आयोजित की जाएगी परीक्षा

ADVERTISEMENTS Ad

देहरादून:- प्रदेश में चर्चित पेपर लीक प्रकरण के बाद रद्द की गई स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा को लेकर बड़ा फैसला हुआ है। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने नई परीक्षा तिथि घोषित कर दी है। अब यह परीक्षा 17 मई को आयोजित की जाएगी, जबकि तकनीकी पदों की भर्ती परीक्षा 3 मई को कराई जाएगी।

ADVERTISEMENTS Ad

आयोग के सचिव डॉ. शिव कुमार बरनवाल ने बताया कि 21 सितंबर 2025 को पटवारी, लेखपाल, ग्राम विकास अधिकारी सहित विभिन्न स्नातक स्तरीय पदों के लिए लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी। लेकिन एक परीक्षा केंद्र पर नकल का मामला सामने आने के बाद आयोग ने पूरी परीक्षा को निरस्त कर दिया था। इस फैसले से लाखों अभ्यर्थियों को झटका लगा था।
अब दोबारा परीक्षा कराने का निर्णय लेते हुए आयोग ने 17 मई की तिथि तय की है। इससे उन अभ्यर्थियों को राहत मिली है, जो लंबे समय से नई तारीख का इंतजार कर रहे थे।

ADVERTISEMENTS
यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड मौसम: प्रदेश में अगले दो दिन भारी बारिश की संभावना, देहरादून समेत 5 जिलों में बारिश की चेतावनी के चलते सतर्क रहने की सलाह
Ad

इसके अलावा, विभिन्न विभागों में तकनीकी अर्हताओं से जुड़े 18 प्रकार के पदों के लिए भी भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है। इन पदों के लिए 3 मई को परीक्षा आयोजित होगी, जिसमें कुल 5872 अभ्यर्थी शामिल होंगे। खास बात यह है कि इस परीक्षा को आधुनिक तकनीक के तहत टैब (Tab) के माध्यम से कराया जाएगा, ताकि पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जा सके।

ADVERTISEMENTS Ad

गौरतलब है कि पेपर लीक और नकल के मामले के बाद पूरे प्रदेश में युवाओं का गुस्सा फूट पड़ा था। जगह-जगह धरना-प्रदर्शन हुए और भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठे।

यह भी पढ़ें 👉  ऑल्टो कार अनियंत्रित होकर खाई में गिरी, स्थानीय लोगों ने रेस्क्यू कर घायलों को पहुंचाया सीएचसी, प्राथमिक उपचार के बाद सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी किया रेफर

इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों के बीच पहुंचे थे और मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई जांच की सिफारिश की थी।

अब जबकि नई परीक्षा तिथि घोषित हो गई है, अभ्यर्थियों के सामने एक ओर दोबारा तैयारी को लेकर चुनौती है, तो वहीं आयोग के लिए इस बार निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा कराना सबसे बड़ी चुनौती होगी। यदि इस बार भी कोई गड़बड़ी सामने आती है, तो सरकार और आयोग दोनों की साख पर बड़ा सवाल खड़ा हो सकता है।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad

Anand Batra

Editor-in-Chief - Hills News (www.hillsnews.in)

यह भी पढ़ें 👉