सिटी मजिस्ट्रेट और नगर आयुक्त ने नाले और तटबंधों का किया निरीक्षण, तेजी से कार्य करने के दिए निर्देश


हल्द्वानी:- आज नगर मजिस्ट्रेट, हल्द्वानी ए.पी. बाजपेयी एवं नगर आयुक्त, हल्द्वानी परितोष वर्मा द्वारा तपोवन, कृष्ण विहार सहित अन्य क्षेत्रों में प्रतिवर्ष देवखड़ी नाले के कारण होने वाली क्षति एवं जलभराव की समस्या के दृष्टिगत स्थलीय निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान एडीबी के परियोजना प्रबंधक गुरप्रीत सिंह एवं कुलदीप सिंह भी उपस्थित रहे। आगामी मानसून सीजन को देखते हुए देवखड़ी नाले के आरक्षित वन क्षेत्र में स्थित भाग में डी-सिल्टिंग कार्य शीघ्र प्रारंभ करने हेतु एडीबी के अधिकारियों को निर्देशित किया गया। साथ ही नाले के विभिन्न स्थानों पर कमजोर तटबंधों के सुदृढ़ीकरण एवं आवश्यक मरम्मत कार्य कराने के निर्देश भी दिए गए।
इसके उपरांत हाइडल गेट्स से जीएसटी कार्यालय के मध्य देवखड़ी नाले के सड़क पार करने वाले संवेदनशील स्थल का निरीक्षण किया गया, जहां विगत वर्षों में नाले के उफान के कारण दुर्घटनाएं घटित हो चुकी हैं। उक्त स्थल पर सायफन निर्माण एवं नाले के निकासी मार्ग को चौड़ा करने के संबंध में अधिशासी अभियंता, सिंचाई खंड, हल्द्वानी को इसे ड्रेनेज प्लान में सम्मिलित करने हेतु निर्देशित किया गया। इसके पश्चात नैनीताल मार्ग एवं तिकोनिया क्षेत्र में जलभराव वाले स्थलों का निरीक्षण किया गया तथा संबंधित अधिकारियों को इन स्थलों को अपनी कार्य योजना में सम्मिलित करते हुए दीर्घकालिक समाधान सुनिश्चित करने के लिए कहा गया।
इसके उपरांत मंगल पड़ाव से रोडवेज तक चल रहे कार्यों का निरीक्षण करते हुए कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। साथ ही शनि बाजार नाले के डायवर्जन कार्य को शीघ्र प्रारंभ करने तथा रेलवे विभाग से आवश्यक अनुमति समयबद्ध रूप से प्राप्त करने हेतु एडीबी के अधिकारियों को निर्देशित किया गया, जिससे बरेली रोड पर जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
साथ ही शनि बाजार रोड पर विद्युत विभाग के पोल शिफ्टिंग कार्य हेतु स्वीकृत धनराशि को यूपीसीएल को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
अंत में तीनपानी से मंडी की ओर संचालित कार्यों का निरीक्षण किया गया, जहां कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की गई।
परियोजना प्रबंधक को कार्य में तेजी लाने हेतु टीमों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए गए तथा संबंधित ठेकेदारों की लापरवाही पर उनके विरुद्ध नोटिस जारी करते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए स्वयं भी प्रतिदिन गतिमान कार्यों का निरीक्षण करने हेतु कहा गया और दैनिक प्रगति रिपॉर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।









